बिहार सरकार किसानों की मदद के लिए फसल सहायता योजना 2025 चला रही है। यह योजना प्राकृतिक आपदाओं, जैसे ओलावृष्टि, सूखा, बाढ़ या कीट प्रकोप से फसल को हुए नुकसान की भरपाई करती है। इसके तहत किसानों को सीधा मुआवजा (DBT के ज़रिए) दिया जाता है।

योजना का उद्देश्य
- आपदा के समय किसानों को आर्थिक सहायता देना
- खेती में होने वाले नुकसान की भरपाई करना
- किसानों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना
- फसल बीमा जैसी जटिल प्रक्रिया से छुटकारा देना
योजना की मुख्य विशेषताएं
- किसानों को ₹7,500 से ₹10,000 प्रति हेक्टेयर तक की सहायता
- पूरी तरह सरकारी योजना, बिना किसी प्रीमियम
- नुकसान का आकलन सरकार द्वारा किया जाता है
- बैंक खाते में सीधा भुगतान
पात्रता
- बिहार राज्य के स्थायी निवासी किसान
- फसल नुकसान का सरकारी सर्वेक्षण में पुष्टि
- भूमि स्वामित्व या पट्टे की वैधता
- आधार से लिंक बैंक खाता
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- किसान पंजीकरण संख्या
- भूमि संबंधी कागजात
- बैंक पासबुक की कॉपी
- मोबाइल नंबर और फोटो
आवेदन कैसे करें?
- बिहार सरकार की वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएं
- “फसल सहायता योजना” सेक्शन में जाएं
- किसान पंजीकरण नंबर से लॉगिन करें
- आवेदन फॉर्म भरें, दस्तावेज अपलोड करें
- सबमिट करने के बाद आवेदन की पावती सेव करें
सहायता राशि कितनी मिलेगी?
| फसल नुकसान | सहायता राशि प्रति हेक्टेयर |
|---|---|
| 33% से अधिक नुकसान | ₹7,500 (धान/गेहूं) |
| अधिक नुकसान या विशेष आपदा | ₹10,000 तक |
संपर्क करें
- कृषि विभाग, बिहार सरकार
- हेल्पलाइन: 1800-180-1551
- पोर्टल: dbtagriculture.bihar.gov.in
